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–कबड्डी का खिलाड़ी 2

Posted On: 5 Feb, 2017  
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में

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कबड्डी का खिलाड़ी 1

Posted On: 5 Feb, 2017  
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Hindi Sahitya में

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भगत सिंह आ जाओ ना

Posted On: 5 Dec, 2014  
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Entertainment Hindi Sahitya Video में

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झुलसा अंतस(भाग 2)

Posted On: 17 Nov, 2014  
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Others में

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झुलसा अंतस(भाग १)

Posted On: 17 Nov, 2014  
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Hindi Sahitya Others social issues में

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——-खाक-ए-वतन ——

Posted On: 4 Dec, 2013  
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Business Career Celebrity Writer Contest में

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दास्ताँ-ए-दर्द

Posted On: 27 Oct, 2013  
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Business Career Contest Entertainment में

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—–त्रासदी—

Posted On: 29 Sep, 2013  
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Career Contest Entertainment Hindi Sahitya में

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—-जब रूद्र हुए क्रुद्ध —-

Posted On: 19 Sep, 2013  
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Business Career Entertainment Hindi News में

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

के द्वारा: Neel Varma Neel Varma

के द्वारा: डॉo हिमांशु शर्मा (आगोश ) डॉo हिमांशु शर्मा (आगोश )

विजय जी आजकल लोगो की मानसिकता कमाई करने की है ,इसलिए पिक्चर बनायीं जाती है ..कमाई के लिए, दूरदर्शन पर सीरियल बनाये जाते है ,कमाई करने के लिए भले ही आप उन्हें अपने परिवार बच्चो या बहु बेटियों के साथ न देख सके ,लेकिन भद्दे कार्यक्रमों की रेटिंग भी बहुत ऊँची होती है ..ज्यादा दूर क्यों जा रहे है यही इसी मंच पर ही देख लीजिये ,लड़की पटाने के तरीके प्रेमी-प्रेमिका प्रथम मिलन और किस का किस्सा सुहागरात की बात: हास्य मस्ती {Jokes in hindi } Hindi Jokes मर्दों की परेशानी: हिन्दी जोक्स गर्लफ्रेंड और बॉयफ्रेंड की बातें: Premi and Premika Jokes, ये सब ज्यादा पठित की श्रेणी के ब्लोग्स है .बस लिखने और पड़ने वालो को मजे आ जाते है फिर मिडिया तो कमाई करता ही इनसे है घटिया किसके लिए है ये सोचने की फुर्सत किसके पास है ? खूबसूरत रचना .बधाई

के द्वारा: D33P D33P

दुनिया भर में नर और नारी को एक दुसरे से भडकानी की साजीश चल रही है । संयुक कुटुम्ब प्रथा में नर नारी को अलग करना संभव नही था । बडे बुजुर्ग समजा ले ते थे । आजादी की ऐसी हवा चलाई की संयुक्त कुटुंब टुट गये । आज छोटा कुटुंब बचा है मिया बीबी का । वो भी खटक रहा है । उस में भी दरार डालो । ईस के लिए जानबुज कर रिती रिवाजो को कोसा जाता है । लाखों साल के बाद आज नारी के स्वमान को जगाया जाता है । नारी को कहा जाता है तू पराई है, खिलौना है । अभी तो साफ नही बोलते, लेकिन एक दिन आयेगा जब कहा जायेगा कोइ नर तेरे प्राईवेट पार्ट को कैसे छु सकता है, वो तेरा अपमान है । सरकार ने खूद आज एक बहुत बडी दरार डाली है । तलाक तो बहुत आसान कर दिया था, आज ईस में ऐसी कलम डाली गई की आदमी शादी करने से पहले हजार बार सोचे । कहीं लडकी शादी के दुसरे दिन भाग तो नही जाएगी । और तलाक मांग ले तो आधी जायदाद उसे देनी पडेगी । लडके ही गुंडे होते हैं ऐसा नही है । लडका भी सोचमें पड जाता है ऐसी कौन सी लडकी ढुंढु जो गुंडी न हो और तलाक न मांगे और जायदाद खतरे में ना पडे । भाषा का भेद, धर्म का भेद, जाति का भेद अब नर नारी का भेद । सब को लडाओ । नवसर्जन ईस नर और नारी के भेद के साथ संबंध रखता है । नर नारी दूर होंगे तो बच्चे कैसे पैदा होंगे । वासना की पिडा में बिनबाप बच्चा पैदा कर लिया तो होगा क्या । वासना मिटाते समय भी आत्मसंमान तो जाता ही है ।

के द्वारा: bharodiya bharodiya

मान्यवर जिस विषय के संबंध में आलेख हो, उसी संबंध में प्रतिक्रिया दे। इस संबंध में आप मेरे आलेख पढ़े आप मेरे आलेख पढ़े, आपकी निश्चित रूप से काँग्रेस विचारधारा से ग्रसित हैं। यह एक गंभीर बीमारी है। भारत के पतन का कारण भी यही है। चूँकि काँग्रेसी संस्कृति में स्वयं की(सोनिया जी आदि की) आलोचना स्वीकृत नहीं हैमैंने आपके काँग्रेस संबंधी आलेख की आलोचना की थी संभवतः आपको वह आलोचना स्वीकृत नहीं हुई। अतः आप इस तरह की अनीति अपना रहे हैं। मै न तो आपका मार्गदर्शन करने में समर्थ हूँ और न ही बाध्य हूँ। आप स्यवं स्वयं भू गुरू हैं। अतः उत्तर की स्वयं ही खोज करें तो आपसे अधिक मुझे खुशी होगी। मेरा मानना है कि आपका जैसा उद्देश्य हो फल का अनुभव भी उसी के अनुरूप होता है। क्षमा चाहता हूँ, आपके उद्देश्य के कारण आपको निराश कर रहा हूँ।

के द्वारा: dineshaastik dineshaastik

मैं भी कृष्ण को महान मानता हूँ किन्तु उनके कुछ कृत्य मानवीय दृष्टि से क्षम्य नही ं हैं। हो सकता है कि मेरे विचारों से कोई सहमत न हो किन्तु मैं तार्किक कारणों से अपने विचारों पर अटल हूँ। दिनेश “आस्तिक” जी ..... आपने अपनी प्रतिकिर्या में जिन तार्किक कारण का उल्लेख किया है मैं तुच्छ प्राणी उनकी विस्तारपूर्वक व्याख्या जानना चाहता हूँ ताकि मेरा ज्ञानवर्धन हो सके और मैं अज्ञानी आपसे कुछ ज्ञान पा सकू ..... किरपा करके मेरा मार्गदर्शन कीजिये ..... उम्मीद है की आप मुझको निराश नहीं करेंगे ..... :-D :-o :-( :-? :-x :-) :-P :mrgreen: :oops: :roll: :cry: :evil: ;-) :-D :-o :-( :-? :-x :-) :-? :-x :-) :-? :-x :-) :mrgreen: :oops: :roll: :cry: :evil: ;-) :-P :-? :-x :-) :evil: ;-) :-D :-o :-( :-D (हैरानी होती है की एक पुरुष होकर आपने नारी के भावो को इतने बेहतरीन तरीके से किस प्रकार प्रस्तुत किया है )

के द्वारा: Rajkamal Sharma Rajkamal Sharma

के द्वारा: getvkfast007 getvkfast007




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